आजमगढ़ सर्वेश पाण्डेय की रिपोर्ट 08 सितम्बर-- जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने विकास खण्ड सठियांव क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बरडीहा उर्फ गड़ेरुवा में निर्माणाधीन अमृत सरोवर का स्थलीय निरीक्षण कर अमृत सरोवर निर्माण की गुणवत्ता का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत बरडीहा उर्फ गड़ेरुवा में निर्माणाधीन अमृत सरोवर के कच्ची सीढ़ीयों पर उगी घास को साफ करने से मजदूरां को मना किया। जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर के चारो तरफ लगाये जाने वाले पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त की तो पाया गया कि 75 पौधे लगाए गए हैं। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने मजदूरों की हाजरी मस्टरोल से मिलान किया गया। जिसमें कुल मजदूरों की संख्या 25 बताई गयी। जिलाधिकारी ने महिला मजदूर पोसी से पूछा कि कितनी मजदूरी मिलती है तथा कितने दिनों से काम करती हो। उन्होंने बताया दो माह से काम कर रही हूं,
मजदूरी 213 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलती है।
अमृत सरोवर के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन्टरलांकिग का कार्य हो रहा था। वहां से बालू सीमेंट का नमूना भी लिए तथा पानी निकासी की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर तालाब के सतह के बारे में जानकारी ली और अब तक इस पर लागत कितना खर्च हुआ है, इसके बारे में पूछा तो सचिव हरिकेश राय ने बताया कि अब तक 6 लाख 44 हजार रुपए खर्च हो चुके। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान सोनू यादव से गांव की फसल के बारे मे जानकारी प्राप्त किया।
इस अवसर पर पड़ोसी ग्राम पंचायत कौड़ियां से पहुंची दर्जन भर महिलाओं ने अपनी समस्याआें से जिलाधिकारी को अवगत कराया, महिलाओं ने बताया कि गांव में नाली, खड़ंजा, शौचालय कोई विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है, इस पर जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के सम्बन्ध में निर्देश दिये।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने बुनकर विपणन केन्द्र मुबारकपुर पहुंचकर बुनकरों की समस्याओं को सुना। बुनकर इफ्तेखार अहमद ने बताया कि बुनकरों की कोई पहचान न होने के कारण हमारा उत्पादन का लाभ यहां के बुनकरों को न मिलकर बनारस के लोगों को फायदा पहुंच रहा है। रेशमी साड़ी बनारसी साड़ी के नाम से जानी पहचानी जाती हैं। इसलिए मुबारकपुर की अपनी पहचान होनी चाहिए। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सठियांव में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर यूपीडा के लोगों से यह लिखवा दिया जाए कि रेशमी साड़ियो की नगरी मुबारकपुर ईधर है।
बुनकरों की प्रमुख समस्या के बारे में बताया कि यहां बुनकर अपनी बुनी साड़ी को बेच नहीं पा रहा है। साप्ताहिक बाजार की व्यवस्था करने के साथ-साथ यहां़ वर्ष में दो प्रर्दशनी लगाने की अनुमति दिया जाए, ताकि मुबारकपुर के अलावा आस-पास के जनपदों में तैयार होने वाली साड़ियां भी लोग प्रर्दशनी में लगाएं, ताकि यहां ग्राहकों का आगमन होने लगे, तभी बुनकर खुशहाल हो सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि साप्ताहिक बाजार लगाने के लिए सप्ताह में एक बार बाजार लगवाना शुरू कर दें तथा दशहरा और दीपावली के बीच में प्रर्दशनी लगाने के लिए बजट की व्यवस्था कर दी जायेगी।
इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद मुबारकपुर कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र काउन्टर पर पहुंचकर रजिस्टर का अवलोकन किया। इसके बाद कर संग्रह कक्ष पहुंचकर जिलाधिकारी ने वित्त से सम्बंधित अभिलेख का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह से आयकरदाताओं की संख्या के बारे में पूछा तो अधिशासी अधिकारी ने बताया कि 12839 आयकरदाता हैं।
इस अवसर पर नगरवासी नईमुद्दीन ने जिलाधिकारी से शिकायत किया कि सर्वे रजिस्टर व मलिकान रजिस्टर पर सफेदा लगा हुआ है और यहां बेच दी जा रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने रजिस्टर मांगकर उसका निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उप आयुक्त उद्योग एसएस रावत, खण्ड विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, एपीओ निर्भय राय, एडीओ पंचायत सुनील कुमार मिश्रा, सचिव हरिकेश राय, मनोज सिंह, विनोद यादव, धनंजय राय, सन्तोष मौर्या, ईश्वर चन्द्र, राधेश्याम, जेई बद्रीनारायण, ग्राम प्रधान सोनू यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
----जि0सू0का0 आजमगढ़-08-09-2021-----


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