आजमगढ़| सर्वेश पाण्डेय की रिपोर्ट|जनपद के  ,पवनी कलां में 75 वर्षो से चली आ रही पारंपरिक राम लीला में  शनिवार को  धनुष यज्ञ का मनमोहक मंचन किया गया   ।   मिथिला नरेश राजा जनक के दरबार में देश देश के बलशाली  राजा  भगवान शिव के धनुष को हिला भी नही पाए तब गुरु विश्वामित्र जी  के आदेश से भगवान राम ने जैसे ही धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई  धनुष टूट गई  यह देख सभी हर्षित होकर  राजा रामचचंद्र की जय के घोष करने लगे बधाई गीत बजने लगे  तभी वहां परशु राम पहुंच गए उनके रौद्र रूप को देख सभी भयभीत हो गए। परशु राम लक्ष्मण संवाद ने सभी


को  ध्यानाकर्षण किया । व्यास पीठ से राम सीता के विवाह का उत्सव के गीतों से  कथा वाचक एवं भजन गायक श्री दिनेशानंद जी महाराज , काशी ने सभी को झूमने पर विवश कर दिया।  राम लिला की शुरुवात सभाजीत पांडे जी ने  पारंपरिक प्रार्थना से किया ।रामलीला समिति के अध्यक्ष सत्येन सिंह , संयोजक  डी के सिंह  ने  राजा दशरथ के साथ आए बारातियों के स्वागत की भूमिका निभाई , कमलेश मौर्य  एवं अमित पांडे जी ने  भगवान राम एवं माता सीता का सुंदर श्रृंगार किया। इस अवसर पर  रजनीश शर्मा , दीपक शर्मा , मिथिलेश पांडे , मुकेश वर्मा , मुन्ना वर्मा ,  रवि चौरसिया ,  सौरभ श्रीवास्तव   ,अरविंद सिंह कारिया , मनीष सिंह एवं वकील चौरसिया आदि व्यवस्थापक की भूमिका में रहे।